मेरे जन्मदिन पर
आज मेरा जन्मदिवस है। लोगों ने पूछा क्या स्पैशल है? कुछ नहीं सूझा तो मेरे मित्र कवि 'मनीष वंदेमातरम्' द्वारा इस अवसर पर भेजी कविता को प्रकाशित करने का सोच लिया। शायद कुछ स्पैशल लगे :)
जब से तुम गये हो
तबसे
जाने कितनी बार
बदला हे गंगा-जमुना ने
रंग अपना
और
पहना -उतारा है
इस शहर ने
ढंग नया-नया
आज
जब पहले की तरह
उदास होता हूँ
और कोई समझाता नहीं
आँसू पोंछ लेने को
अपनी रूमाल थमाता नहीं
....तब
ऐ दोस्त! तुम बहुत याद आते हो
एक ही थाली में
खाते थे, आधा-आधा
तुम मेरी भूख में हिस्सेदार थे
मेरी धूप के
मेरी छांव के
बराबर
के सांझीदार थे
जब चौराहे पर खड़ा
मैं, कोई एक रास्ता चुन नहीं पाता हूँ
अलग दिखने की चाह लिए, खड़े-खड़े
भीड़ में घुल जाता हूँ
और कोई बचाता नहीं
तब...
ऐ दोस्त !तुम बहुत याद आते हो
जब
रातों रात बदल जाते हैं पोस्टर
शहर के
और मुझको ख़बर नहीं होती
सड़क के किनारे, खुले नल पे
किसी की नज़र नहीं होती
नकली हँसी से जब जी भर जाता है
मन का गुबार, कहीं निकल नहीं पाता है
तब...
ऐ दोस्त़!तुम बहुत याद आते हो
द्वारा मनीष वंदेमातरम्
29 टिप्पणियाँ:
शैलेषजी
आपको जन्मदिन की हार्दिक बधाई, आप शतायु हों, चिरायु हों।
:)
हार्दिक बधाई.. जन्मदिन की..
शैलेश जी,
जन्मदिन की बधाई}
जन्म दिन की बधाई एवं हार्दिक शुभकामनायें.
जन्म दिन की बधाई
बधाई !!
एक शब्द, एक संवाद, एक एहसास,
जो महका करेगा महफ़िल में,
हम रहे या ना रहे रस्ते में,
यही आवाज़ गूंजेगी दिल में-
"तारो की चमक, फूलों की रंगत मिले,
हर मोड़ पर तुमको मोहब्बत मिले...
और महका करे मौजूदगी से आपकी फिजा,
ज़मी पे आपको रौनक-ए-जन्नत मिले..."
और खामोश सदाओं में भी गूँज उठे एक सदा...
जैसे कि शहनाई-
बधाई !! बधाई !! बधाई..........
आपका मित्र,
निखिल आनंद गिरि
जन्म दिन मुबारक हो ।
जीवन में खूब सफलता मिले तथा आगे और आगे बढ़ते जाओ ।
बहुत-बहुत आशीर्वाद एवं दुलार
जन्म दिन की बहुत-बहुत बधाई।
बधाई, शुभकामनाएं
जन्मदिन की ख़ूब सारी बधाई और शुभकामनायें !!
Janamdin mubaraka bhai"
Iss subhkamna ke saath ye saal app ki sabhi manowanchit ikchha puri kare ........ aur kya kaeih sakte hain siway iske...
PRIYAVAR, JANMA DIN PAR ANANT SHUBH KAAMANAAYEN..... "JEEVEMA SHARADAH SHATAM". >rishabha deo sharma.
जन्म दिन रोज़ रोज़ आए |
shaileshji,belated happy birthday...aapke saath saath mein aapke dost manish ji ko bhi thanx dena chahti hoon jinhone itne sunder dhung se apni baat kahi ki ye kavita padhne ke baad dil kerta hai ki aap dono ko salaam kiya jaye,aapki dosti ko salaam kiya jaye,aapki dosti ke jazbe ko salaam kiya jaye...ishwar kare aapki dosti ki bhawnayein isi tarah qayamat tak qayam rahein...aapne mere blog mein apne comments ka amulya yogdan de ker mujhey kritarth kar diya...hind yugm mein mera sab members se parichey karane ke liye bahut bahut thanx..aapse isi tarah ke yogdaan ki asha rakhti hoon...asha hai aap samay samay per mera marg darshan kerte raheinge....
bahut bahut dhanywaad,shailesh ji..aapke comments hi mujhey aage badhne ke liye prerit ker rahe hein..bas aap isi tarah mera utsaah badhate rahiyega...mein unikavi ban na chahti hoon ..meri help karein.......thanx....
I really liked ur post, thanks for sharing. Keep writing. I discovered a good site for bloggers check out this www.blogadda.com, you can submit your blog there, you can get more auidence.
शैलेश जी हम सब हिन्दी में तोह लिख लेते है , ऐसे ही स्क्रोल कर रहा था की देखा अपने एक अंग्रेजी वेब काउंटर का इस्तेमाल किया है | हाल में मैंने यह नया टूल देखा एक हिन्दी वेब काउंटर - http://gostats.in
में सोचता हूँ अगर हम हिन्दी - देवनागरी में लिख रहे है तोह टूल्स भी सब हिन्दी इस्तेमाल करे , नहीं क्या |
हर हिन्दुस्तानी का यह फ़र्ज़ बँटा है की वह हिन्दी को बढावा दे |
इस वेब काउंटर का प्रयोग करके देखें काफ़ी ऊंदा टूल है |
हालाँकि काफी देर से यह पता चला, पर शुभकामनाएं तो दी ही जा सकती हैं। हाँ, आपकी नई पोस्ट का इंतजार रहेगा।
क्या बात है भइ, आप तो छा गये।
शुभकामनाएं
vimal sapna,,,,,,,,,,,,,,,,,,,...ki dhoop chhanv ki kahani hai. dosti ki yande suhani hai. ham aaj hi to jindgi nayi ji rahe hai bat ye hai ki gujar gaya jo uski yad dilani hai...........dost tumhare liye
vaah bhai vaah, kya kavita kahi hai hai.
Shailendra Dubey
आज ही आपके ब्लॉग की जानकारी हमें प्राप्त हुई । लेकिन सही है साहब की बहुत ही सुंदर कविता है ये । इसको पढनें के बाद तो मैं स्वयं अपनें बीते हुए पल में चला गया । दरअसल दोस्तों का साथ आदि से अंत तक बहोत ही कम लोगों को नसीब होता है । और फ़िर यादें ही तो बचती है । पर ऐसा क्यों होता है प्यारे समझ यही नहीं आता ?
बहुत ही सुंदर अभिव्यक्ति!
Hey Shailesh. Can I get your email address or some other contact detail? I want to speak to you about something. I know your friend Raj Devjani, and he gave me this blog address. Can you give me some other contact detail ? It is about one of your poems.
Thank You,
Prateek Kuhad
You can contact me on my email address, if you could please, thank you -
Prateek Kuhad
it is prateekkuhad@gmail.com
भावनाओं का सम्मोहन है आपकी रचना में,जादुई ख्याल...यहाँ आकर बहुत अच्छा लगा
आप लिख ही नहीं रहें हैं, सशक्त लिख रहे हैं. आपकी हर पोस्ट नए जज्बे के साथ पाठकों का स्वागत कर रही है...यही क्रम बनायें रखें...बधाई !!
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"शब्द-शिखर" पर देखें- "सावन के बहाने कजरी के बोल"...और आपकी अमूल्य प्रतिक्रियाएं !!
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